छठा नवरात्र – माँ कात्यायनी – 24 मार्च 2026

छठा नवरात्र – माँ कात्यायनी

महत्व और पूजा विधि

🌸 छठा नवरात्र का महत्व

नवरात्रि का छठा दिन माँ कात्यायनी को समर्पित होता है। माँ कात्यायनी को शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। इनकी पूजा करने से:

  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
  • मनोकामनाएं पूरी होती हैं
  • शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है
  • जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है

धार्मिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर माँ दुर्गा ने उनके यहाँ जन्म लिया, इसलिए इन्हें कात्यायनी कहा जाता है।


🪔 माँ कात्यायनी की पूजा विधि

1. सुबह की तैयारी:

  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें (लाल या पीले रंग का वस्त्र शुभ माना जाता है)
  • पूजा स्थान को साफ करके माँ की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें

2. पूजा सामग्री:

  • फूल (विशेषकर लाल गुलाब)
  • रोली, चंदन, अक्षत
  • धूप, दीप
  • फल और मिठाई
  • शहद (माँ को प्रिय भोग)

3. पूजा प्रक्रिया:

  • माँ कात्यायनी का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें
  • दीपक जलाकर धूप अर्पित करें
  • फूल, रोली, चंदन अर्पित करें
  • शहद का भोग लगाएं
  • माँ के मंत्र का जाप करें:

👉 मंत्र:
“ॐ देवी कात्यायन्यै नमः”

  • अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें

🌺 विशेष उपाय

  • कुंवारी कन्याओं के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है
  • अच्छे वर की प्राप्ति के लिए माँ कात्यायनी की विशेष पूजा करें
  • जरूरतमंदों को दान करना बहुत शुभ होता है

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top